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9/25/2010

Fw: अमृत वचन

 
----- Original Message -----
From: vjm na
Sent: Thursday, September 02, 2010 10:40 PM
Subject: अमृत वचन

जीवन की सम्पूर्णता है आनन्द और आनन्द परमात्मा का ही एक रूप या एक नाम है जिसे सच्चिदानन्द कहा जाता है। हमारा जन्म परमात्मा से मिलने के लिए ही हुआ है और इसी उद्देश्य को लेकर हम दुनियाँ में आए हैं । वस्तुतः जीवन एक अवसर है परमात्मा से मिलने के लिए।  

 

परम पूज्य सु्धांशुजी महाराज  

 
Life's completeness is bliss and bliss is one of the God's name and form which is called "existence-consciousness-bliss" .  The purpose or goal of our birth is to unite with God.   To fulfill this goal, we must lead a complete life and ulitize our opportunity to unite with God. 
 

 
Translated by Humble devotee
Praveen Verma


VJMNA
Chicago, IL


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